ये कैसे तय होता है कौन बनेगा IAS, IPS या फिर IFS? ये होता है इनमें अंतर…

यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए जाएंगे, जिसमें पास होने वाले कैंडिडेट आईएएस, आईपीएस के पद पर तैनात किए जाएंगे.

कैसे होता है परीक्षार्थियों को चयन?

पहले आपको बताते हैं कि यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा के कितने चरण होते हैं, जिसके बाद उम्मीदवार आईएएस आदि तक पहुंचते हैं. दरअसल, सरकार की ओर से कुछ पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी होता है और उसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरु होती है. सिविल सर्विसेज परीक्षा में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा होती है, जिसमें पास होने वाले परीक्षार्थी मुख्य यानी मेंस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं. इसके बाद मेंस परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवार इंटरव्यू में हिस्सा लेते हैं और इंटरव्यू के बाद फाइनल चयन होता है. इंटरव्यू में चयन होने वाले उम्मीदवार फिर आईएएस, आईपीएस की रेस में हिस्सा लेते हैं.

आईएएस, आईपीएस नहीं… कई सर्विस हैं

अक्सर लोगों का मानना होता है कि सिविल सर्विसेज परीक्षा में पास होने के बाद कैंडिडेट आईएएस या आईपीएस ही बनते हैं. लेकिन, ऐसा नहीं है. सिविल सर्विसेज के बाद 24 सर्विस में कैंडिडेट्स की नियुक्ति की जाती है. बता दें कि सर्विसेज में दो कैटेगरी होती है, जिसमें ऑल इंडिया सर्विसेज और सेंट्रल सर्विसेज शामिल है. ऑल इंडिया सर्विसेज में तो आईएएस, आईपीएस आदि पद आते हैं. वहीं सेंट्रल सर्विस में इंडियन फॉरेन सर्विस यानी आईएफएस, आईआईएस, आईआरपीएस, आईसीएसी आदि पद आते हैं. वहीं, आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर्स सिविल सर्विस भी इसमें आती है.

कैसे तय होता है?

अब बात करते हैं कि किस कैंडिडेट को कौनसी पोस्ट दी जाती है. यह कई चीजों पर निर्भर करता है कि किस को कौनसी पोस्ट दी जाएगी. दरअसल, पहले तो ये होता है कि परीक्षार्थियों से पहले ही उनकी प्राथमिकता पूछ ली जाती है. उसके आधार पर भी पोस्ट का बंटवारा होता है. वैसे सामान्य तौर पर रैंकिंग के आधार पर पदों का बंटवारा होता है, जिसमें टॉप रैंक पर रहने वाले उम्मीदवारों को आईएएस, आईएफएस जैसी सर्विस मिलती है. लेकिन, ऐसा नहीं है कि सभी टॉप कैंडिडेट को आईएएस बनाया जाएगा, अगर मान लीजिए किसी कैंडिडेट की रैंक अच्छी है और प्राथमिकता आईपीएस है तो उन्हें आईपीएस दिया जाएगा. यानी इसमें आपकी प्राथमिकता और रैंक के आधार पर सर्विस का बंटवारा होता है.

Ias Ips

इसके अलावा खाली पदों के आधार पर भी सर्विस बांटी जाती है, जिससे कई बार कम रैंक वाले कैंडिडेट्स को भी आईएफएस आदि सर्विस मिल जाती है. बता दें कि हर बार सिविल सर्विस के पदों में आईएएस, आईपीएस आदि के लिए पदों की संख्या तय रहती है. अगर इस बार की बात करें तो इस बार आईएएस के लिए 180 पद, आईएफएस के लिए 37 और आईपीएस के लिए 200 पद तय हैं.

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