विंग कमांडर की बेटी बनीं यूपीएससी टॉपर; इशिता को इस मंत्र से मिली सिविल सेवा में सफलता

इशिता ने कहा ‘तैयारी करते वक्त हमें बहुत ईमानदार रहना चाहिए और बताना चाहिए कि कितनी तैयारी की है और किस स्टेज पर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शैक्षिक योग्यताओं के अलावा आपको भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत होना चाहिए। साथ ही हमें सब्र भी रखना चाहिए।’

इशिता ने कहा ‘तैयारी करते वक्त हमें बहुत ईमानदार रहना चाहिए और बताना चाहिए कि कितनी तैयारी की है और किस स्टेज पर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शैक्षिक योग्यताओं के अलावा आपको भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत होना चाहिए। साथ ही हमें सब्र भी रखना चाहिए।’

तैयारी करते वक्त ईमानदार रहना चाहिए
इशिता ने कहा ‘तैयारी करते वक्त हमें बहुत ईमानदार रहना चाहिए और बताना चाहिए कि कितनी तैयारी की है और किस स्टेज पर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शैक्षिक योग्यताओं के अलावा आपको भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत होना चाहिए। साथ ही हमें सब्र भी रखना चाहिए।’



सुब्रतो कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया
उनकी मां ज्योति किशोर ने बताया, ‘मैं बहुत खुश हूं। बेटी इशिता की बहुत अच्छी तैयारी रही है और वो हमेशा इसके प्रति फोकस्ड भी रही है। वह एक अच्छी खिलाड़ी भी रही है। इसने सुब्रतो कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। जिस काम में इसने हाथ लगाया है, उसे बहुत अच्छे से किया है।’
एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से पाई शिक्षा
ज्योति किशोर ने आगे बताया, इसने एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से पूरी स्कूली शिक्षा हासिल की है। इसके पिता विंग कमांडर थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इशिता बहुत छोटी थी जब उसके सिर से पिता का साया उठ गया।’ अंत में उन्होंने कहा, ‘पूरा परिवार हमेशा इशिता के लिए सपोर्टिव रहा है। सारे लोग बहुत सपोर्ट करते हैं। एक मां के रूप में जो करना चाहिए वो मैंने भी किया।’

नौकरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी
इशिता की स्कूलिंग भी दिल्ली के एयरपोर्स बाल भारती स्कूल लोधी रोड से ही हुई है. इसके बाद साल 2017 में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में इकोनॉमिक्स ऑनर्स में एडमिशन ले लिया. यहां से पास आउट होने के बाद उन्होंने दुनिया में Big 4 की कैटेगरी में आने वाली कंपनी Ernst & Young में दो साल काम किया. इसी दौरान इशिता समय नहीं पा रही थीं कि वह MBA करे या फिर इकोनॉमिक्स में ही पोस्ट ग्रेजुएशन करे, लेकिन उन्होंने इन दोनों को ही ना चुनते हुए, सीधा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला ले लिया.

रोजाना इतने घंटे की तैयारी
इस फैसले के बाद उन्होंने दो साल नौकरी करने के बाद साल 2019 में अपनी नौकरी छोड़ दी और परीक्षा की तैयारी में जुट गई. उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया. इशिता ने परीक्षा के लिए ईमानदारी से तैयारी की. वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई किया करती थीं. उन्होंने अपनी सभी कमजोरियों को दूर किया और हर विषय पर अपनी पकड़ मजबूत की.



इंटरव्यू में पूछे गए यह सवाल
इशिता बताती है कि इंटरव्यू में उनसे पंचायती राज सिस्टम, रिसर्च और खेल समेत कई तमाम मुद्दों पर सवाल पूछे गए. उनसे अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के स्टैंड पर भी सवाल पूछा गया था, जिसमें उन्होंने कहा कि वैश्विक दबाव के बीच भारत को अपना स्टैंड रखना चाहिए.

इसे चुना अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट
इशिता कहती हैं कि आपकी जिस विषय में रूची हो आप उसी विषय को अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में चुने. इशिता मे इकोनॉमिक्स ऑनर्स में डिग्री हासिल करने के बावजूद, इकोनॉमिक्स को अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में नहीं चुना. इशिता ने बताया कि उन्हें पढ़ने-लिखने में बड़ा मजा आता है और उन्हें राजनीति में भी काफी रूचि है, इसलिए उन्होंने अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन को चुना था.

इशिता किशोर ने दी यूपीएससी सिविल सेवा उम्मीदवारों को निम्नलिखित सलाह

1. उम्मीदवार ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करें.
2. अपनी कमजोरी और मजबूती को पहतानें
3. दूसरों से अपनी तुलना ना करें.
4. जहां हो सकें दूसरों की मदद जरूर लें.
5. सेल्फ स्टडी पर ज्यादा से ज्यादा फोकस करें



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