PRIVATE नौकरी छोड़ लगा सरकारी अफसर बनने का चस्का और बन गई पहले प्रयास में अधिकारी : SWATI GUPTA PCS

SWATI GUPTA PCS

मेरा नाम स्वाति गुप्ता ‘है। मैं निदेशालय पंचायती राज में कार्य अधिकारी के पद पर तैनात हूँ। मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुकात रखती हूँ। मुझे मानविकी विष‌यो की ज्यादा जानकारी नहीं थी। मैंने अपनी परास्नातक की डिग्री इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से वो भी इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी ब्रांच से किया था। इतिहास, भूगोल आदि विषयों में निपुण नहीं थी। एक तरफ मैं AND, OR गेट्स, माइक्रोप्रोसेसर, एनक्रिप्शन, हडूप, डाटा एनालिटिक्स,आदि में उलझी हुई थी| विषय परिवर्तन करना मेरे लिए एक चुनौती था, वो भी एक ऐसी परीक्षा के लिए जहां सफलता दर केवल 0.2% है। परास्नातक के दौरान ही मेरी अच्छी कम्पनी में नौकरी लग गई थी। एक सामान्य Aspirant की तरह ही मुझे भी असफल होने का डर लग रहा था। खोने के लिए काफी कुछ था। मेरे अंतर्मन में बहुत से सवाल चल रहे थे। परन्तु इन सब अनिश्चिताओं के चलते भी मैने अपने सपनों के लिए जिन्दगी के कुछ वर्ष कुर्बान करने का निर्णय लिया। SWATI GUPTA PCS

PCS बनना केवल मेरा ही सपना नहीं था यह मेरे पिताजी का भी सपना था। वह एक PCS अधिकारी बनना चाहते थे, परन्तु पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वो परीक्षा नहीं दे पाए। उन्होने मेरे अंदर यह क्षमता देखी, चूंकि वो इतिहास के
विषय से पढे थे और हमेशा रजिया सुलताना का उदाहरण दिया करते थे। वे हमेशा मुझे प्रेरित करते थे। मैने सिविल
सर्विसिस की परीक्षा को उत्तीर्ण करने हेतु अध्ययन सामग्री एकत्रित करना शुरू कर दिया।
मैने पत्रिकाओं से टॉपर्स के साक्षात्कार पढ़ना शुरू किया क्योंकि उस समय इंटरनेट पर ज्यादा अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं थी। जब मैंने पढ़ना शुरू किया तब यह समझ आया कि पाठयक्रम अनंत है, मैने अच्छी कोचिंग संस्थान से कोचिंग करने का निर्णय लिया। कोचिंग द्वारा 10 महिने के कोर्स में केवल 30% पाठ्यक्रम ही करा गाया। तब मुझे अहसास हुआ कि “Self Study is the key”। परंतु कोचिंग करने से मुझे एक दिशा मिल गई थी और कुछ सिद्धांत स्पष्ट हो गए थे। फिर मैंने 8-10 घण्टे कठोर अध्ययन किया तथा PCS 2017 परीक्षा का प्री निकाल लिया। मेंस के लिए मैने अत्याधिक लेखन का अभ्यास किया। लोक सेवा आयोग से मुझे साक्षात्कार का बुलावा आया और मैने दृढ़ निश्चय किया कि मुझे इस वर्ष सिलेक्शन लेना ही है। मैंने साक्षात्कार हेतु कम से कम 10 मॉक दिए तथा मेरे कठिन परिश्रम का फल आप लोगे के सामने है। मैं पहले ही प्रयास में PCS अधिकारी हो गई। परंतु PCS परीक्षा के परिणाम वाला दिन यानी 10-10-2019 मेरे जीवन का एक अत्यन्त यादगार दिन था। परिणाम घोषित
होने से पूर्व में बहुत ही घबराई हुई थी। परिणाम रात में 08 बजे के करीब घोषित हुआ और मेरे पिता उस समय दुनिया
के सबसे खुश आदमी थे। मैंने अपने परिवार और दोस्तों के साथ पार्टी की, ढेर सारी बातें की और सो गई परंतु मेरे पिता जी को खुशी के कारण पूरी रात नींद नही आई। क्योंकि मेरा सपना तो 2-3 वर्षों में पूर्ण हो गया था परंतु मेरे पिताजी का सपना 26 वर्ष बाद पूर्ण हुआ था। सपने सच होते है दोस्तों। SWATI GUPTA PCS

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