प्रशासनिक सेवा का ऐसा जुनून, अमेरिका में छोड़ दी 70 लाख की नौकरी, अब UPSC के दूसरे प्रयास में पाई सफलता

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा पिछले महीने जारी किए गए UPSC एग्जाम 2023 के परिणाम में कई होनहारों ने कड़े प्रयास के दम पर सफलता पाई है. उन्हीं में से एक राजस्थान के करौली जिले के एक छोटे से गांव से आने वाले योगेश मीणा हैं. कलारनकापुरा गांव के निवासी योगेश मीणा ने दूसरे प्रयास में 66वीं रैंक के साथ सिविल सर्विसेज सफलता पाई है.

हर साल यूपीएससी के परिणाम जारी होने के बाद एक परिचित अनुष्ठान होता है – कोचिंग संस्थान शीर्ष स्कोरर के साथ मॉक साक्षात्कार के वीडियो जारी करते हैं। इस साल कोचिंग इंस्टीट्यूट Unacademy का एक ऐसा इंटरव्यू गलत कारणों से वायरल हो गया. आईआईटी-बॉम्बे से स्नातक योगेश कुमार मीना, जिन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 66वीं रैंक हासिल की, के साक्षात्कार में उस समय परेशान करने वाला मोड़ आ गया जब मॉक पैनल के एक सदस्य ने कथित तौर पर मीना समुदाय के लिए आरक्षण के बारे में पक्षपातपूर्ण टिप्पणी की, जो अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है। वर्ग।

मीना ने वीडियो में कहा, “सर, मैंने आरक्षण और मीनाओं पर आपकी बातचीत सुनी और इससे मैं परेशान हो गई।” वीडियो को अनएकेडमी यूट्यूब चैनल से हटा दिया गया है।

इससे पहले भी योगेश 2022 में सिविल सर्विसेज की परीक्षा में भाग ले चुके हैं. लेकिन पहले प्रयास में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में जमकर मेहनत की. जिसमें बाद योगेश को 2023 के परिणाम में सफलता हाथ लगी है.

इस सफलता उनके परिवार में और गांव दोनों में ही खुशी का माहौल है. महीनेभर से उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. सिविल सर्विसेज में दूसरे प्रयास में सफलता हासिल करने वाले योगेश मीणा की पढ़ाई भी मुंबई से हुई है. उनके पिता मुंबई में कस्टम विभाग में कार्यरत हैं.

योगेश ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई में आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर में ग्रेजुएशन किया है. जिसकी डिग्री के आने के बाद 2020 में उनका एक अमेरिका की कंपनी में 70 लाख के वार्षिक पैकेज पर प्लेसमेंट भी हो गया. लेकिन शुरू से तमन्ना उनकी प्रशासनिक सेवा में जाने की थी. इसलिए दो-तीन महीने के बाद इतने मोटे पैकेज की नौकरी को छोड़ प्रशासनिक सेवा का जुनून उन्हें भारत ले आया.भारत आकर फिर उन्होंने मुंबई में 2022 में कोचिंग करके यूपीएससी की तैयारी की. लेकिन पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली और फिर दूसरे प्रयास में दुगनी हिम्मत और कड़ी मेहनत से तैयारी की. जिसका नतीजा यें हुआ कि अमेरिका में 70 लाख की नौकरी छोड़ भारत आए योगेश मीणा को सिविल सर्विसेज 2023 के परिणाम में सफलता मिल गई. योगेश ने बताया कि मेरी इस सफलता में मेरे बड़े भाई और बहनों का भी पूरा योगदान रहा है. उन्होंने मुझे प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए हमेशा गाइड और मोटिवेट किया है.

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MY NAME IS ADITYA KUMAR MISHRA I AM A UPSC ASPIRANT AND THOUGHT WRITER FOR MOTIVATION

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